सूचना आयुक्तों के खिलाफ हल्लाबोल
वरिष्ठ संवाददाता, अलीगढ़ : सूचना आयुक्तों के खिलाफ हल्ला-बोल की तैयारी हो चुकी है। हल्ला-बोल राजभवन से लेकर जिलास्तर पर दिखेगा। अलीगढ़ के ट्रैप ग्रुप की अगुवाई में प्रदेशभर के तमाम सूचना कार्यकर्ताओं ने संगठित होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का ऐलान किया। आरटीआई एक्टिविस्टि सबसे ज्यादा खफा सूचना आयुक्तों से दिखे। यहां बताया गया कि सूचना आयुक्तों को हटाने के लिए राज्यपाल को 300 से ज्यादा ज्ञापन दिए जा चुके हैं। अलीगढ़ के ट्रैप ग्रुप के संयोजक बिमल खेमानी की पहल पर प्रदेशभर के 60 सूचना अधिकार कार्यकर्ता यहां रेलवे रोड स्थित एक धर्मशाला में जुटे। गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, बागपत से लेकर प्रदेश के तमाम हिस्सों से जुटे कार्यकर्ताओं ने संगठन की कमी महसूस की। एक प्लेटफार्म की मांग हुई, ताकि संगठित होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सके। दलील दी गई कि हजारों कार्यकर्ता बेईमान तंत्र से लड़ रहे हैं। उन्हें डराया जा रहा है। आरोप लगे कि सूचना आयुक्तों का बर्ताव जनहितैषी न होकर ब्यूरोक्रेसी को ही बचाने वाला है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि आयुक्तों की नियुक्ति ही पारदर्शी ढंग से नहीं की गई। यहां दो दिन तक चिंतन के बाद कार्यकर्ताओं ने आरटीआई काउंसिल आफ यूपी का गठन किया। इसके संयोजक मेरठ के अनिल जानी और लखनऊ के अखिलेश सक्सेना बनाए गए। काउंसिल के तीन मार्गदर्शकों में मैग्सेसे पुरस्कार से नवाजे गए गाजियाबाद के अरविंद केजरीवाल, लखनऊ के डॉ. नीरज कुमार व अलीगढ़ के बिमल खेमानी हैं। 21 सदस्यीय गवर्निग बॉडी भी बनाई गई। यह बॉडी महीनेभर में अगली बैठक करेगी। कार्यक्रम संयोजक बिमल खेमानी ने कहा कि अभी तक असंगठित होकर सभी भ्रष्टाचार और उनके पोषकों से लड़ते आए थे, अब सभी कार्यकर्ता संगठित होकर जंग छेड़ेंगे। ये भी कोशिश होगी कि आयुक्तों की नियुक्ति में पारदर्शिता आए, कामकाज भी पारदर्शी हो।
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